आप वही हो ना जिसे कोई कॉल नहीं करता,
फिर भी मोबाइल(Mobile)को साइलेंट(Silent) पर रखते हो,
No No Don't scroll down I'm talking to you…..
Why????????
मुझे जानना है ऐसा क्यों ?
हां मुझे कोई फोन नहीं करते क्यूंकि मैंने किसी को इतना हक़ नहीं दिया है….
ये हक सिर्फ मैंने अपने Pagel के सिवा किसी को नही दिया।
उन दिनों की बात थी, जब हम दोनों मिले थे सबकी नज़रों के सामने, थोड़ा सा घबराना, थोड़ा सा शर्माना, दोनों एक जगह साथ बैठकर बातें करते हुए,
चाय की चुस्कियां लेते पता नही चला कब शाम हो गई।यूं तो तमाम उलझने थी हमारी जिंदगियों में,
शायद उन उलझनों को मिटाने का वादा था,
इसलिए भगवान ने हम दोनों को मिलाया था,
उसकी बातों पर खूब हंसी आती थी मुझे,
उसकी आंखो में एक अजीब सी चमक, अजीब सा जादू था,
जिस में मुझे सारी दुनिया दिख जाती थी,
उसके साथ जन्म-
जन्मांतर का साथ निभाने कसमें,उसके साथ बूढ़े हो जाने की चाहत बढ़ते जाना,
पता नही था किस उलझन में फंसते जाना,
मैं कभी तन्हाई में खुद से सवाल करता था,
उसकी आवाज़ गूंजती थी हर दिल के कोने में,
अब टिक-टिक करती घड़ी का दिलासा,
मेरी किताबों में रखे वो गुलाब के फूल,
मुझे हर दिन, हर इक पल, उसकी याद दिलाती,
पर पता नहीं वो कहाँ खो गई
उसकी तस्वीरो से तमाम बातें करता,
मिलेगी वो कभी, ये ऐतबार करता,
अब बस मैं उसके फोन का अब भी इन्तजार करता।।
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