Wednesday, December 30, 2020

याद

 कहाँ चले गये तुम, बहुत याद आती है तुम्हारी,

साल (2020) भी बीतने वाला है,

छोटी सी बात को दिल पे लगा के कहाँ चले गये तुम,


तुम्हारे जाने से में बहुत उदास हूँ,

चहल - पहल है चारों ओर पर दिल में रुस्वाई है,

कुछ तो कहा होता हमसे बिना कुछ कहे कहाँ चले गये तुम,

क्या ये बेबसी है, कि तुम ने मुझे शिकायत का भी मौका तक न दिया,

लड़ते थे, झगड़ते थे पर प्यार तो बहुत था,

ना कोई मौका दिया हमको पास आने का, ना कोई वजह बताई मुझसे दूर जाने की,

अरे ऐसे कैसे कोई तन्हा छोड़ कर जाता है,

रूठने और मनाने का जो मौसम जो हर पल आता था

उन प्यार भरे मौसमों को छोड़ के तुम कहाँ चले गये,

क्या गुनाह किया मैंने, क्या गलती हुई थी,

मुझ से जो इतनी बड़ी सजा दी मुझे,

क्या चाहते थे तुम एक बार बताते तो सही,

यूं तनहाइयों में कैद कर भूलकर प्यार का नया नाम देते है,

तुम अब पास आ जाओ, नए साल की तरह,

पुराने साल में पुरानी यादो दफना कर, नए साल की शुरुआत करते है

छोड़ हज़ारों गम को, भूलकर प्यार का नया नाम देते है,

कहाँ चले गये तुम यूँ बिन कुछ कहे |

जल्दी से आ जाओ नए साल की जैसे,

मेरी खुशीओ को चार चाँद लगा दो, कहाँ चले गये तुम.......

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