Thursday, February 27, 2025

"मेरी इतिका – मेरी दुनिया" 💖✨

"मेरी इतिका – मेरी दुनिया" 💖✨

5 नवंबर 2019—वो दिन जब मेरी जिंदगी ने एक नई दिशा ली। जब पहली बार मैंने अपनी नन्ही परी, इतिका को अपनी गोद में उठाया, तो ऐसा लगा जैसे पूरी कायनात मेरी बाहों में सिमट आई हो। उसकी मासूम आँखें, नन्हे-नन्हे हाथ और गुलाबी से गाल देखकर मेरा दिल भर आया। उस पल को शब्दों में बयां करना मुश्किल है, क्योंकि सिर्फ एक माँ ही उस एहसास को समझ सकती है।

शुरुआती दिन बेहद खूबसूरत और चुनौती भरे थे। रातों को जागना, उसे गोद में लेकर सुलाना, उसकी हर छोटी-छोटी हरकत को निहारना—यह सब मेरे लिए किसी अनमोल खजाने से कम नहीं था। जब उसने पहली बार मेरी उंगली पकड़ी, तो ऐसा लगा जैसे उसने मेरा पूरा दिल जीत लिया हो।

समय के साथ मेरी इतिका बड़ी होती गई। उसकी किलकारियाँ अब खिलखिलाहटों में बदल गईं, और उसकी मासूम मुस्कान मेरे हर दुख-दर्द की दवा बन गई। वो अब नटखट भी हो गई थी—कभी ज़िद करती, कभी रूठ जाती, तो कभी अचानक से गले लगकर मेरे सारे दिन की थकान मिटा देती।

अब वो पाँच साल की हो गई है, थोड़ी समझदार, थोड़ी जिद्दी, और बहुत प्यारी। उसे ड्राइंग, डांसिंग, बैडमिंटन और फोटो क्लिक करना बहुत पसंद है। जब भी मैं उसे स्कूल जाते हुए देखती हूँ, तो गर्व से भर जाती हूँ कि मेरी नन्ही परी अपनी पहचान बना रही है। उसकी हर छोटी जीत मेरी सबसे बड़ी खुशी बन जाती है।

आज मैं जितना उसे सिखाती हूँ, उससे कहीं ज्यादा वो मुझे सिखाती है—सब्र, निस्वार्थ प्रेम और छोटी-छोटी खुशियों में जीना। मैं चाहती हूँ कि वो हमेशा यूँ ही हँसती रहे, आगे बढ़ती रहे, और अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से जिए।

मेरी इतिका, तुम मेरी दुनिया हो, मेरा गुरूर हो! 💖✨

"Love you forever my lifeline!"

आपको हमारी Anu Mehta's Diary Blogs पसंद आई है तो आप कमेंट करके बता सकते है आप हमारी पोस्ट अपने दोस्तों से भी शेयर करके अपने दोस्तों को भी इसके बारे में बता सकते है | हम फिर नई कविता लेकर हाज़िर होंगे तब तक के लिए नमस्कार दोस्तों ! आपका दिन मंगलमय हो |

No comments: