तेरी-मेरी यारी जैसे सावन की पहली बारिश,
हर बूँद में बसती है मुस्कान की ख्वाहिश।
तेरी-मेरी यारी जैसे हवाओं का मंद-मंद चलना,
हर झोंके में संग-साथ का एहसास महकना।
तेरी-मेरी यारी जैसे बेमतलब सा हो जाना,
कभी खोना, कभी पाना, फिर भी मुस्कुराना।
तेरी-मेरी यारी जैसे सपनों का पूरा होना,
हर मुश्किल में सुकून भरी नींदें सोना।
तेरी-मेरी यारी जैसे वक्त संभलने की आहट,
हर मुश्किल में आशाओं की रंगत।
तेरी-मेरी यारी से लोगों को जीना आए,
इस रिश्ते पर दुनिया सारी कसमें खाए।
तेरी-मेरी यारी जैसे कलियों पर फूलों का खिलना,
हर खुशी में तेरे आँगन में आकर मिलना।
✨💖 साथ रहे, दोस्ती यूँ ही सदा खिली रहे! 💖✨

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