ऑफिस में मिलते हैं अजनबी से,
धीरे-धीरे बन जाते हैं अपने से।
कभी काम की टेंशन में हंसाते हैं,
तो कभी चाय के कप पर दिल के राज़ सुनाते हैं।
डेडलाइन का प्रेशर हो या मीटिंग की मार,
एक-दूसरे का देते हैं हम खुलकर साथ।
कभी बॉस की डांट से बचाते हैं,
तो कभी चुपके से ट्रीट खिलाते हैं।
वो एक-दूसरे की टांग खींचने की सौगातें।
कभी लेटर बनाने में मदद कर जाते,
तो कभी फाइल के नीचे गुप्त नोट्स छुपाते।
ऑफिस की दोस्ती भी क्या रंग लाती है,
हर दिन एक नया किस्सा लिख जाती है।
कभी छुट्टी के बहाने सिखाती है,
तो कभी "टीमवर्क" का असली मतलब समझाती है।
वक़्त के साथ शायद राहें जुदा हो जाएं,
पर ये हसीन लम्हें यादों में हमेशा मुस्कुराएं।
क्योंकि ऑफिस वाली दोस्ती भी कमाल होती है,
नौकरी में साथ, ज़िंदगी में खास होती है!
💙✨ काम के साथ दोस्ती भी ज़रूरी है, क्योंकि हँसते-खेलते दिन जल्दी गुजरते हैं! ✨💙


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